अपराधियों के भविष्य बदल देने वाले एक एस एस पी पुलिस अधीक्षक।
ये कहानी हैं एक ऐसे व्यक्ति का हैं जो इन दो सालों में पुलिससींग की एक मिसाल कायम किया हैं। जो अपने आप में एक सराहनीय इंसानियत परिवर्तन हैं। उन्होंने इन दो वर्षों में लगातार कार्यवाही करते हुए क्षेत्र से अपराध व अपराधी लग भग खत्म कर चुका हैं। जन जागरूकता, जनसंपर्क व आम ग्रामीणों से मित्रता निभाते हुए अपने कार्य पूर्ण ईमानदारी से किया। उन्होंने ये दो सालों में आपरेशन प्रहार के तहत अनेक अंधेकत्लो के गुत्थी सुलझाई। उन्होंने मुस्कान जैसे आपरेशन चला के हजारों नाबालिक बच्चों को घर लौटाया। उन्होंने गौ तस्करी को उस क्षेत्र से जड़ से खत्म कर दिया और साथ साथ गौ तस्करों को समझाइश देके एक नया जीवन शुरू कराया। जशपुर के रास्ते झारखंड व बंगला देश ले जाते थे वह सभी रास्तों को बंद कराया।ऐसे हैं हमारे SSP शशि मोहन सिंह जी।
जानकारी के अनुसार कांग्रेस के राज में श्री शशि मोहन सिंह जी को बहुत तकलीफो का सामना करना पड़ा था।
2012 बैच के IPS शशिमोहन सिंह जी कांग्रेस कार्यकाल में बनवास काटते रहे। उन्हे बस्तर के बटालियन जवानों के साथ तैनात कर दी, वहीं बस्तर में रहते हुए अनेकों आपरेशन को अंजाम दिया। और समय बदला, भाजपा शासन आते ही उन्हें वी वी आई पी जिले की कमान मिला। राज्य पुलिस सेवा के अफसर श्री शशिमोहन सिंह जी को रमन सरकार ने उनकी मेहनत राज्य के प्रति समर्पण को देखते हुए के सन 2018 में आईपीएस अवार्ड से सम्मानित किया गया, जिसके बाद उन्हें DOPT से 2012 बैच IPS पोस्ट आवंटित हुआ।
आईपीएस श्री शशिमोहन सिंह जी को जशपुर जिला का नया पुलिस कप्तान बनाया गया था। शशिमोहन सिंह जी के एसपी के तौर पर ये पहली पोस्टिंग था। इससे पहले वो बस्तर के प्रभारी एसपी रहे हैं। वैसे तो जशपुर छोटा जिला है, लेकिन मुख्यमंत्री का गृह जिला होने की वजह से वो VVIP जिला है। लिहाजा, पोस्टिंग के लिहाजा से शशिमोहन सिंह की ये पोस्टिंग व जिम्मेदारी काफी बड़ा था।
वहीं जानकारों के अनुसार शशिमोहन सिंह बहुमुखी प्रतिभा के धनी है। वो ना सिर्फ रियल लाइफ में वर्दी वाले का रोल निभाते हैं, बल्कि कई फिल्मों में उन्होंने वर्दी पहनकर दम दार पुलिसिंग का रूतबा बढ़ाया है। उनकी कई फिल्में अवार्ड भी ले चुके है। छत्तीसगढ़ी के साथ साथ भोजपुरी फिल्मों में भी काम किया है। उनकी चर्चित फिल्म भूलन द मेज, मया देदे मयारू रहा है।
पुलिस अफसर श्री शशिमोहन सिंह जी ने छत्तीसगढ़ी फिल्म ‘मया दे दे,मयारू’ में कंठी ठेठवार की भूमिका निभाए हैं। उन्हें फिल्मों में काम करने के लिए पुलिस विभाग से एक साल की छुट्टी भी मिला था। एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा था कि मैं अभिनेता पहले हूं, पुलिस वाला बाद में। पर पुलिस की नौकरी नहीं छोडूंगा। जनता व राष्ट्र की सेवा पुलिस में रहकर ही की जा सकती है। वे नक्सल प्रभावित क्षेत्र भानुप्रतापपुर में भी रहे हैं। उनका मानना था की बस्तर में नक्सलवाद खत्म होकर रहेगा। जो आज लगभग खत्म हो गया। वहीं शशिमोहन सिंह जी का जन्म बिहार के बक्सर जिले में हुआ। हालांकि बाद में उनका परिवार छत्तीसगढ़ आकर बस गए। भिलाई के कल्याण कॉलेज से उन्होंने एम ए किया। उस समय छत्तीसगढ़ राज्य नहीं बना था। कॉलेज की पढ़ाई के बाद उन्होंने पीएससी की परीक्षा दी। और डीएसपी के लिए चयन हुए। वहीं वर्तमान में श्री शशि मोहन सिंह जी की पोस्टिंग रायगढ़ में किया गया हैं। cg news darpan की ये रिपोर्ट


