बिलासपुर जिला के सरवानी धान मंडी में दिखा भारी गड़बड़ी। तौल मशीन भी सेटिंग।साथ ही किसानों से कराया जाता है बोरी पलटी। प्रबंधक के नहीं सुनने पर झेलनी पड़ती हैं उनकी मनमानी। ये है धान मंडी सरवानी की कहानी।
बिल्हा ब्लॉक के सरवानी धान मंडी में दिखा भारी गड़बड़ी। किसानों से लिया जा रहा हैं अधिक धान वहीं तौल मशीन सेटिंग की संभावना जताई जा रही हैं। लगातार धान मंडी प्रभारी सुशील केवट की रंगदारी की घटना सामने आने लगा है। शासकीय नियमों को ताक में रखकर करते हैं काम। धान मंडी में नियमों के अनुसार 40 किलो 700 ग्राम ही धान खरीदी करना है। वहीं प्रबंधक सुशील केवट के द्वारा 41 किलो से भी ऊपर धान लिया जा रहा हैं। वहीं मंडी प्रभारी सुशील केवट को शासकीय नियमों व आदेश से कोई मतलब नहीं हैं। एक ओर शासन प्रशासन पारदर्शिता व भ्रष्टाचार खात्मा की ओर बढ़ रहा हैं वहीं दूसरी ओर सुशील केवट जैसे भ्रष्ट प्रबंधक की मनमौजी चल रहा हैं।जिससे जिला शासन प्रशासन की नाम खराब हो रहा हैं। किसानों को छला जा रहा है। उनसे हमाली धान पलटाई जैसे कार्य कराया जा रहा हैं। बारिश होने पर धान रखने के स्थान में पर्याप्त व्यवस्था नहीं किया गया हैं। वहीं सुशील केवट पूर्व में शासकीय उचित मूल्य की दो दुकाने चलाता था। और दोनों दुकान से घपला किया हैं ग्राम पोड़ी (स) के उचित मूल्य की दुकान से 1 लाख चालीस हजार की चावल घोटाला वहीं दूसरी दुकान सरवानी से एक लाख बीस हजार की राशन गबन किया हैं।जबकि विभाग द्वारा जांच करने पर सुशील केवट को दोषी पाया गया हैं। उसके बाद भी विभाग द्वारा सुशील केवट से आज तक किसी भी प्रकार के वसूली व दंडात्मक कार्यवाही नहीं किया गया। बल्की विभाग द्वारा सुशील केवट को प्रमोशन देते हुए सरवानी धान मंडी प्रबंधक प्रभारी के रूप में नियुक्ति दी गई हैं। पूर्व में पोड़ी व सरवानी के उचित मूल्य की दुकान संचालक के रूप में रहते हुए अनेकों बार शासन के नियमों को ताक में रखकर मनमानी तरीके से राशन वितरण किया हैं। कभी शक्कर नहीं हैं तो कभी चावल आबंटन कम आया है कहते हुए ग्रामीणों को कभी कभी चावल भी नहीं दिया। वहीं लगातार दोनों ही शासकीय उचित मूल्य की दुकान में मनमौजी व दादागिरी करते हुए ग्रामीणों को शक्कर 20 रुपए प्रति किलो दर से बिक्री किया जाता था। और जो भी ग्रामीण आवाज उठाने की कोशिश की उसे अपने कुछ साथियों की मदद से चुप करा दिया गया। जिसकी इंडिया न्यूज दर्पण में एक दो न्यूज भी पूर्व में प्रकाशन की हैं। जब यह मामले में फूड इंस्पेक्टर मंगेश कांत को जानकारी देने के बाद भी सोसायटी सेल्स मेन सुशील केवट को अवैध वसूली से रोका नहीं गया नाही सुशील केवट के ऊपर किसी भी प्रकार के कानूनी कार्यवाही नहीं किया गया। जिसकी नतीजा स्वरूप में सामने आया कि ग्राम पोड़ी (स) से एक लाख चालीस हजार के चावल को बेच खाया वहीं सरवानी की दुकान से एक लाख बीस हजार का वहां भी गबन किया। वहीं आज ग्राम पंचायत पोड़ी (स) के शासकीय उचित मूल्य दुकानों की आबंटन को काट कर साटेज बताया जा रहा हैं। हद तो तब होगाई जब जांच में पता चल गया की सेल्स मेन सुशील केवट ने लाखों रुपए का चावल गबन किया हैं। तो उससे वसूली करता या कानूनी कार्यवाही करते नाकी सुशील केवट को मंडी प्रबंधक जैसे पद से सम्मानित करता। ये एक गंभीर मुद्दा है।
वहीं आज बिल्हा व मस्तूरी क्षेत्र में हो रहे ऐसी अपराध क्या जिला मुख्यालयों में बैठे अधिकारी कर्मचारी के निर्देशों पर होता हैं। क्या ऐसे गबन करने वालों को पदोन्नति से सम्मानित किया जाता है। क्या गबन किए हुए चावल की राशि वसूली नहीं किया जायेगा। क्या जो दो दो उचित मूल्य की दुकान से चावल गबन कर सकता हैं ओ आज धान मंडी से धान गबन नहीं करेगा। यह एक अहम गंभीर सोचने की विषय हैं। वहीं ऐसे अपराधियों को जिला प्रशासन समय रहते रोका नहीं तो आने वाले समय में ये गबन करोड़ों का हो सकता हैं। साथ ही क्षेत्र फूड इंस्पेक्टर मंगेश कांत के ऊपर कार्यवाही करने की जरूरत है। ताकी कोई भी अधिकारी कर्मचारी अपराध को बढ़ावा ना दे सके। वहीं आम ग्रामीणों को उनका अधिकार उचित रेट में मिल सके जिससे शासन प्रशासन की छवि दूर दराज के ग्रामीणों के नज़र में साफ हो सके ताकी शासन के नियमों अनुसार राशन उपलब्ध हो सके। राशन दुकानो के सेल्स मेंन मनमानी व दादागिरी करते हुए आज भी ग्रामीण क्षेत्र के किसी भी राशन दुकान में देखा जा सकता हैं।अगर कोई भी ग्रामीण आवाज उठाता है तो उसे राशन से वंचित रक्खा जाता है व सर्वर के नाम से घुमाया परेशान किया जाता है। पूरे जिला के ग्रामीण क्षेत्र में इस कदर मनमौजी व दादागिरी का आलम हैं की इसे रोकने वाला अभी तक कोई नहीं है। अब देखने वाली बात होगी की माननीय महोदय जिला कलेक्टर बिलासपुर श्री संजय अग्रवाल जी ऐसे अपराधों को गंभीरता से लेते हैं के नहीं लेते हैं ये आने वाली वक्त ही बताएगी।

cg news darpan की रिपोर्ट।


